बीकानेर 2:00 बजे तक बंद का आह्वान, जगन्नाथ रथ यात्रा, रिमझिम और 1 तारीख

Spread the love

बीकानेर 2:00 बजे तक बंद का आह्वान, जगन्नाथ रथ यात्रा, रिमझिम और 1 तारीख

  • कचौरी गरमागर्म का मजा रिमझिम में
  • उदयपुर हत्या प्रकरण को लेकर बंद का आह्वान
  • पहली तारीख पर कभी खुशी कभी गम
  • भगवान जगन्नाथ रथयात्रा
  • ई एम आई भरने की चिंता
  • गोठ मनाने का दिन

बीकानेर 2:00 बजे तक बंद का आह्वान, जगन्नाथ रथ यात्रा, रिमझिम और 1 तारीख

बीकानेर
अचानक यह संयोग बन चुका है। संयोग बारिश का। बीकानेर के बंद के आह्वान का। और भगवान श्री जगन्नाथ की रथ यात्रा का। साथ ही साथ आज जुलाई की 1 तारीख का। स्कूल चलने की बात फिर कभी। यह बात अलग है कि आज के डिजिटल युग में 1 तारीख की वैसी प्रतीक्षा अब नहीं रही जैसी कि 70 और 80 के दशक में लोग करते थे। उस जमाने में तो आज पहली तारीख है फिल्मी गीत लोगों की जुबान पर चढ़ा हुआ था। वजह भी है कि 1 तारीख को तनख्वाह मिलती है। और तब भी मिलती थी। तब कैश में मिलते थे रुपए। और अब डिजिटल अकाउंट से जमा हो जाते हैं।

लेकिन संयोग की बात यह नहीं है। संयोग यह है कि 1 दिन पूर्व उदयपुर हत्या प्रकरण को लेकर बीकानेर में कुछ संगठनों ने बंद का आह्वान किया। और अपने प्रतिष्ठान 2:00 बजे तक बंद रखने की अपील की। इस आह्वान के समर्थन में भी बहुत से संगठन सामने आए हैं। अब संयोग देखिए कि सुबह से रिमझिम हो रही है। इस मौसम में बाजार फटाफट खुल जाता है। आज भी कई जगह कचोरी समोसे तले जा रहे हैं। और लोग गर्मागर्म कचोरी खाने के लिए मौजूद हैं। लेकिन अन्य दुकानें प्रतिदिन के मुकाबले आज बहुत कम खुली हुई है।

उन दुकानों की बात जो कचोरी समोसे की नहीं है। इससे ऐसा प्रतीत होता है कि लोग बारिश का मजा अपने अपने परिवार के साथ घरों में अथवा गोठ मना सकें ऐसी जगहों पर मनाने का मन बना चुके हैं। अब संयोग यह भी है। बीकानेर में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा के अवसर पर बारिश अवश्य होती है। और वह बारिश चाहे बूंदाबांदी तक ही सिमटी रह जाए। बहुत कम ऐसे रथ यात्रा के दिन स्मृति में आएंगे जबकि बारिश या बूंदाबांदी न हुई हो। अब फिर से 1 तारीख की बात। भले ही 70 या 80 का दशक पीछे रह गया।

लेकिन बहुत सी जगहों पर 1 तारीख की अहमियत आज भी है। और लोगों को 1 तारीख की प्रतीक्षा रहती है। वह वजह है ई एम आई। किस्तें भरने के लिए तारीख तय होती है। और अधिकतर यह 1 तारीख होती है। 1 तारीख, ऊपर से बारिश का दिन। काम धंधे में सामान्यतः बारिश बाधक बनती है। ऊपर से बंद का आह्वान। और मन में श्रद्धा का सागर भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा के प्रति। लेकिन सिर्फ सिर पर बोझ ई एम आई भरने का। ऐसे में आज का दिन कभी खुशी कभी गम अनुभूत करवाने वाला है। खासतौर से उन नागरिकों के लिए जो रोज कमा कर अपना परिवार पालते हैं और 1 तारीख को किस्त भरने के लिए बैंक की लाइन में खड़े होते हैं। या डिजीटली भरते हैं।

हम सभी कामना करते हैं कि हम सभी का दिन अच्छा रहे। सभी अपने समय पर अपने दायित्व को पूरा कर लें। भगवान श्री जगन्नाथ की रथ यात्रा धूमधाम और शांति पूर्वक संपन्न हो। बंद का आह्वान करने वालों की भावना का सम्मान हो। और बंद के तय समय के बाद बाजार भी पूरा खुले ताकि सभी की मनोकामनाएं भगवान श्री जगन्नाथ पूर्ण करें।

%d bloggers like this: