Tag: #Latest

अफलातूनी किस्से 21 : अब हम मुंडीजेंगे… गुड़ मुस्कुराया, महंगाई गुम हो गई…!

छेदीलाल को यह चिंता खाए जा रही है कि अब "मूंडने" का हुनर भी उनका न रहा, नेता ही मूंडने लगे! वे कह रहे थे, यह नेता लोग हमारी जेब…

अफलातूनी किस्से 20 : फेंकमफेक में ये मुफ़्त वो मुफ्त

दशकों के राज के बाद चौतरफा महंगाई की मार से आमजन नाराज। सभी नाराज। कोई भी साथ चलने को तैयार नहीं । तो भाई साथ दौड़ने को कौन तैयार होगा?

अफलातूनी किस्से 19 : ऐसे नेताओं के ऐसे ऐसे किस्से…

हमारा नारा - हर बार नई सरकार । इस बार हमने न तो  अपने इस निर्णय को बदला और न ही तोताचश्म मैना राम नेताजी को अपनी प्रवृति को परिवर्तित…

अफलातूनी किस्से 17, कंबल : जो तेरा वो भी मेरा की जिद से विश्व युद्ध की आशंकाओं के बीच तक

चंद देशों की जिद से महा युद्ध की आशंका। महायुद्ध विश्वयुद्ध में ना बदल जाए इसकी भी आशंका। और युद्ध तो युद्ध है। इसके परिणाम अभी से ही दिखने लगे…

अफलातूनी किस्से – 11 : अफलातून बनने की होड़…, अगला करता रहा, पिछले पर गिरता रहा… !

फिलवक्त युद्ध की विभीषिका से विश्व दो-चार हो रहा है। इससे इतर चुनावी मौसम सदाबहार है। यूं देखें तो... राज हो, निजी काज हो, कोई भी क्षेत्र हो। एकाधिकार की…