बीकानेर के गौरवशाली इतिहास से प्रेरणा ग्रहण करें- ठा.दलीपसिंह राठौड़

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बीकानेर के गौरवशाली glorious इतिहास history से प्रेरणा inspirationबीकानेर ग्रहण करें- ठा.दलीपसिंह राठौड़

बीकानेर 17 मई । बीकानेर के आधुनिक विकास में the development journey of Bikaner बीकानेर राजपरिवार royal family की प्रभावी भूमिका रही है effective role । बीकानेर के शासक The rulers of Bikaner अपने राज्य और प्रजा के कल्याण के लिए हमेशा अग्रणी रहे है। हमें बीकानेर के गौरवशाली इतिहास से प्रेरणा ग्रहण करना चाहिए ।
शब्दरंग साहित्य एवं कला संस्थान द्वारा गांधी नगर स्थित खिवणसर हाउस Khivansar House में आयोजित organized कार्यक्रम “बीकानेर का गौरवशाली इतिहास” में अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज international shooter एवं पूर्व सांसद महाराजा डॉ.करणीसिंह former MP Maharaja Dr. Karni Singh, के निजी सचिव रहे ठाकुर दलीपसिंह ने बीकानेर की विकास यात्रा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पूर्व सांसद महाराजा डॉ.करणीसिंहजी हमेशा बीकानेर क्षेत्र के विकास हेतु समर्पित रहे ।

उन्होंने कहा कि डॉ.करणीसिंहजी ने क्षेत्र में विशेष पीने के पानी की समस्या का निदान करने हेतु इंदिरा गांधी नहर का पानी लिफ्ट योजनाओं के माध्यम से बीकानेर पहुंचाकर लाखों लोगों को पेयजल सुलभ करवाने का भागीरथीबीकानेर प्रयास किया । अभी पानी की समस्या जोधपुर में पहले की तरह ही है मगर बीकानेर में उतनी समस्या नहीं है। उन्होंने कहा कि महाराजा गंगासिंहजी, महाराजा सादुलसिंहजी की विकास यात्रा को महाराजा डॉ.करणीसिंहजी ने बीकानेर क्षेत्र में आगे बढाते हुए उच्च शिक्षा, चिकित्सा, सड़के, पेयजल, विद्युत आदि समस्याओं को दूर करने का प्रयास किया।

कार्यक्रम में संस्थान के संयोजक अशफ़ाक कादरी, सचिव राजाराम स्वर्णकार, पार्षद श्रीमती सुधा आचार्य, वरिष्ठ रंगकर्मी बी.एल.नवीन, शिक्षाविद अभयसिंह टाक, कवि बाबूलाल छंगाणी ने माल्यार्पण, शॉल, सम्मान पट्ट, श्रीफल, अभिनंदन-पत्र, आलेख पत्र अर्पित कर ठा.दलीपसिंह का भावभीना अभिनंदन किया । गोविन्दसिंह ने सभी आगंतुकों का स्वागत किया।

सम्मान से अभिभूत होकर दलीपसिंहजी ने कहा कि बीकानेर की जनता सदैव राज परिवार के साथ रही है इसका कारण राजपरिवार द्वारा अपनी जनता के सुख-दुख में साथ खड़े रहने, उसे अपने स्तर पर दूर करने का प्रयास रहा है। यह सम्मान मेरा नहीं बल्कि इसका श्रेय राज परिवार को जाता है। प्रिंसेस राज्यश्री बाईसा भी अपने पिता के रास्ते चलती है, मुझे उनके साथ काम करने का सौभाग्य भी मिला। सभी के प्रति आभार अरविन्दसिंह ने ज्ञापित किया।

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